केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई कुछ योजनाएं जैसे साक्षर भारत और आंगनवाड़ी केंद्र राष्ट्रीय बल भवन राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन आदि के बारे में दी गई हैं।

साक्षर भारत के बारे में जाने।

साक्षर भारत राष्ट्रीय साक्षरता मिशन को पुणे संरक्षित करके नई योजना अभिनव दिसंबर में शुरू की जाएगी इसमें सात करोड़ रुड़की साक्षर बनाने का लक्ष्य है इसमें 15 वर्ष या 15 वर्ष से ऊपर की आयु के लोगों को साक्षर बनाया जाएगा जिस किसी कीवी 15 वर्ष से ऊपर आयु है तो वह साक्षर भारत बनाया जा सकता है।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन यह कब घोषणा की गई थी।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की योजना यह 12 अप्रैल 2005 को शुरू की गई थी और इसमें ग्रामीण क्षेत्र में सरलता से पूछने वाली योजना है और जवाबदेही वाली स्वास्थ्य सेवाएं मुंहासे करने से संबंधित है यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण गरीब तथा कमजोर वर्ग के लोगों को सुविधाएं सुनिश्चित करने से संबंधित हैं इस दिशा में इस सेवा में लगी प्रक्षित आशा की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है और लगभग 1000 ग्रामीण जनसंख्या पर एक आशा कार्य करती है राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की घोषणा यह 12 अप्रैल को 2005 में शुरू की गई थी राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य योजना यह एक ऐसी योजना है जोकि 1000 ग्रामीण जनसंख्या पर एक ही आशा काम करती है।

आंगनवाड़ी केंद्र क्या है।

आंगनवाड़ी केंद्र की स्थापना यह ग्रामीण तथा शहरी जनजाति बहुल क्षेत्रों में खोले गए हैं इस केंद्र का पूर्व विदेश से है कि उसने 300 दिन के लिए पूरक पोषाहार स्वास्थ्य प्रतिरक्षण शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है और आंगनवाड़ी में पूरक पोषण की व्यवस्था 6 वर्ष की आयु वाले बच्चों को और गर्भवती स्त्रियों के डी हैं यह व्यवस्था दी जाती है इन केंद्रों को खोलने का दाल जनसंख्या होता है शहरी एवं ग्रामीण में क्षेत्रों में 1000 जनसंख्या पर जनजाति बहुल क्षेत्र में स्वास्थ्य जनसंख्या पर तथा रेगिस्तानी एवं पहाड़ी क्षेत्रों में 300 की जनसंख्या पर आंगनवाड़ी केंद्र खोले जाते हैं आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं का चयन उसी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं में से किया जाता है आंगनवाड़ी आईसीडीएस से जुड़ी होती है आईसीडीएस की फुल फॉर्म – integrated child development service होती हैं।

कस्तूरबा गांधी के विद्यालयों की योजना।

यह योजना जुलाई 2004 को सरकार ने देशभर में sc ,St ,obc एवं मुस्लिम समुदाय की लड़कियों के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोलने की घोषणा दी गई थी यह आवासीय विद्यालयों इस समय 27 राज्यों में चलाई जा रही है इन विद्यालयों में 75 परसेंट स्थान अनुसूचित चलाई जा रही है इन विद्यालयों मे अनुसूचित जाति और जनजाति अन्य पिछड़े वर्ग बा अल्पसंख्यकों की बच्चों के लिए आरक्षित होंगे जबकि 25% वाली गाय गरीब रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली होंगी जिसमें 25% बच्चे नीची जाति का जीवन यापन करगी।

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