नाभिकीय विखंडन तथा नाभिकीय संलयन नाभिकीय रिएक्टर के उपयोग के बारे में जाने।

नाभिकीय विखंडन के बारे में जानकारी।

नाभिकीय विखंडन बहन आपके प्रतिक्रिया जिसमें कोई एक भारी नाविक दो भागों में टूटता है नाभिकीय विखंडन कहा जाता है नाभिकीय विखंडन के दौरान उत्पन्न ऊर्जा को नाग के उर्जा कहते हैं जिस प्रकार नाप के विखंडन के दौरान जो उसमें उर्जा उत्पन्न होती है उसे के कहते हैं नाभिकीय ऊर्जा सबसे पहले ना आप के विखंडन अमेरिकी वैज्ञानिक स्टार्स मैंने एवं होम के द्वारा दिखाया गया इन्होंने जब यूरेनियम 235 पर न्यूटन की बमबारी की तो पता लगाया कि यूरेनियम के नाभिक दो खंडों में विभाजित हो जाते हैं जब यूरेनियम पर न्यूट्रिनो की बमबारी की जाती है तो एक यूरेनियम नाभिक के विखंडन पर बहुत अधिक ऊर्जा व तीन नए न्यूट्रॉन उत्सर्जित होते हैं यह उत्सर्जित न्यूट्रॉन यूरेनियम के अन्य नाम क्योंकि विखंडित करते हैं इस प्रकार यूरेनियम नाभिकीय विखंडन की एक श्रृखला बन जाती है।

नाभिकीय संलयन क्या होते हैं।

जब दो या दो से अधिक हल्के नाभिक संयुक्त होकर एक भारी नाभिक का निर्माण करते हैं वह अत्यधिक उठ जा विमुक्त करते हैं तो इस अभिक्रिया को नाभिकीय संलयन कहते हैं एक नाभिकीय संलयन अभिक्रिया उदाहरण है। जिस प्रकार दो हल्के हल्के टुकड़े को एक साथ जोड़ें तो है तो वह एक भारी टुकड़ा बनेगा जिसमें से ऊर्जा मुक्त होगी तो इस अभिक्रिया को नाभिकीय संलयन कहते हैं।

1. सूर्य एवं तारों से प्राप्त ऊर्जा एवं प्रकाश का स्रोत नाभिकीय संलयन नहीं है। 2. नाभि को को शरीयत करने के लिए केल्विन के उच्च ताप पर अत्यंत उच्च दाब की आवश्यकता होती है

परमाणु बम क्या होता है।

परमाणु बम को बनाने के लिए यूरेनियम प्लूटोनियम का प्रयोग किया जाता है यह नाव के विखंडन के सिद्धांत पर आधारित होता है परमाणु बम का सर्वप्रथम प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका के द्वारा जापान के विरुद्ध किया गया था यह भ्रम 6 अगस्त 1945 एवं 9 अगस्त 1945 ईस्वी को क्रम से हिरोशिमा एवं नागासाकी पर परमाणु बम गिराए गए थे परमाणु बम गिराने के दौरान बहुत से लोगों की मौत हो गई थी जिसमें कई लाख संख्या में लोग मारे गए थे यह हिरोशिमा एवं नागासाकी पर परमाणु बम गिराया गई थी परमाणु बम गिराए जाने पर यह देश भी नष्ट हो गया था और वहां की जनसंख्या बहुत मारी गई थी।

हाइड्रोजन बम।

हाइड्रोजन बम का आविष्कार अमेरिका के वैज्ञानिकों ने 1952 में किया था यह बम नाभिकीय संलयन पर आधारित है यह बम परमाणु बम की अपेक्षा लगभग 1000 गुना अधिक शक्तिशाली होता है अगर यह बम कहीं पर भी डाल दिया जाए तो वहां की दुनिया भी नष्ट कर देगा और वहां की जमीन भी बंजर हो जाएगी यह बम परमाणु बम की अपेक्षा 1000 गुना ज्यादा शक्तिशाली होता है यह बम जहां भी गिर जाने पर वहां की जमीन भी कंकड़ बन जाती है।

Leave a comment